उद्भावना - 4
शाम के तकरीबन 5 बज रहे हैं । शाम का ढलना मुझे अक्सर एक अव्यक्त शून्य से भर देता है।
आकाश में फैली लालिमा धीरे-धीरे धुंधलके में बदल रही है, पंछी अपने घोंसलों को लौट रहे हैं, लोग अपने घरों की ओर जा रहे हैं। कितने खुशकिस्मत हैं वे लोग जो हर शाम अपने घर लौटते हैं ।
मन कई विचारों के बीच कुंठित रहा है आज। अब जब शाम ढली है तो वह भी कोई ठिकाना ढूंढता है, पर पाता है तो केवल शून्य, अव्यक्त किंतु प्रकट, शून्य।
खैर ,शून्य के भेद को गणित के भरोसे छोड़ हम भाषा की ओर बढ़ते हैं। हिंदी में कुछ लिखने की प्रबल इच्छा काफी समय से थी, मगर जो भाषा में सहजता अच्छे लेखन की नींव होती है ,वह मेरी समझ से मुझ में पर्याप्त नहीं। हिंदी ,मेरे विचार से, यौवन की तरह है जिसे समझने के लिए उम्र चाहिए। वह उस उर्वशी के समान है जिसके मन की थाह पाने के लिए राजा पुरुरवा को भी धैर्य रखना पड़ा था। परंतु अगर मैं कहूं कि हिंदी हर प्रयास की सराहना करती है तो यह कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी । यह मेरा प्रयास है।
जिस शून्य की मैं बात कर रही थी, ऐसा नहीं कि मैं उसे रिक्त ही छोड़ देती हूँ। उदाहरण के लिए, आज मैं बाहर बरामदे में बैठकर बगीचे के एक सूखे पेड़ को देख रही हूँ। उसकी सूखी शाखों के बीच से मुझे सूर्य दिखाई दे रहा है । ऐसा लगता है मानो उसकी सूखी टहनियों से ही नीचे उतर रहा हो । सबसे नीचे की टहनी पर एक गिलहरी बैठी है ।उसे देखकर मुझे बचपन की कहानी याद आ गई जिसमें गिलहरियां सर्दी से पहले खाने का सामान इकट्ठा करती हैं ।
अब सर्दी दूर कहाँ है ! आज शारदीय नवरात्र का पहला दिन है । यह 9 दिन मेरे विचार से वर्ष के सबसे अद्भुत 9 दिन होते हैं। आज कहीं पढ़ा कि यह नवरात्रि ज्ञान की नवरात्रि है - ज्ञान अर्जित करने के लिए योग्य समय । परंतु मेरा मन जब अपने शून्य से उबरे तब तो ज्ञान पर आए। मेरे घर पर आज कलश स्थापना हुई जिसकी फोटो मैंने व्हाट्सएप पर देखी।
खैर , सूर्य पेड़ की टहनियों से पूरा नीचे उतर आया है । बाहरी अंधेरे और आंतरिक धुंधलके के बीच द्वंद्व छिड़ी ही थी कि कौन ज्यादा गहरा की तभी पास के पूजा पंडाल के लाउडस्पीकर से आती ध्वनि ने उसे रोक दिया।
" असतो मा सद्गमय ,तमसो मा ज्योतिर्गमय ।"
हाँ, आप ही की तरह मुझे भी हैरानी हो रही है। पूजा पंडाल से यह स्वर! हल्का सा मुस्कुराते हुए मैंने बरामदे की लाइट जला ली और भीतर के कमरे में दीपक जलाने के लिए प्रवेश कर रही हूँ।
यह ज्ञान की नवरात्रि है।

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